Bihar Board Class12th Biology Objective Question-2022
पुष्पी पादपों में लैंगिक प्रजनन
1. पुष्पों की कृषि,प्रजनन ,क्रय-विक्रय और व्यवस्था के
विज्ञान को कहते है -
आरबोरिकल्चर
फ्लोरिकल्चर
हॉर्टिकल्चर
एंथोलॉजी
2. जायांग का वह भाग जो पराग की
अनुकूल प्रकृति को सुनिश्चियत करता है -
वर्तिकाग्र
वर्तिका
अण्डाशय
सहायक कोशिकाएँ
3. 64 पराग कणों को उत्पन्न करने
के लिये कितनी पराग मातृ कोशिकाओं को मिओटिक विभाजन करना चाहिए -
64
32
16
8
4. एक पूर्ण विकसित नर
युग्मोदभिद में केंद्रकों की संख्या होती है -
एक
तीन
चार
पाँच
5. परागकोश की सबसे अंदर की परत
टेपीटम है,जिसका कार्य है -
पोषण
सुरक्षा
यांत्रिक
प्रस्फुटन
6. जब बीजाण्डद्वार,निभाग व नाभिका एक सीधी रेखा
में रहते है ,तो बीजाण्ड को कहते है -
प्रतीप
ऋजुवर्ती
वक्रावर्त
एम्फीट्रोपस
7. पंखवत वर्तिकाग्र किनमें
होता है -
मटर
गेँहू
धतूरा
सीजलपीनिया
8. जायांग का जो भाग पराग ग्रहण
करता है,उसे कहते है -
वर्तिका
वर्तिकाग्र
बीजाण्ड
अण्डाशय
9. एक या कुछ बीजाण्डों युक्त
अण्डाशय वाला पौधा सामान्यतः किसके द्वारा परागित होता है -
मक्खियों
तितलियों
पक्षियों
वायु
10. परागकणों के अध्ययन को कहते
है -
माइक्रोलॉजी
एन्थोलॉजी
पेलिनोलॉजी
पोमोलॉजी
11. पराग कण है -
गुरुबीजाणु
लघुबीजाणु
लघुबीजाणुपर्ण
लघुबीजाणुधानी
12. पुंकेसर प्रतिनिधित्व करते
है -
लघुबीजाणुधनियो
नर युग्मकोदभिद
नर युग्मकों
लघुबीजाणुपर्णों
13. भ्रूणपोषीय बीज किनमें पाये
जाते है -
अरण्डी
जौ
नारियल
सभी
14. यदि भ्रूणपोष की कोशिकाओं
में 24 गुणसूत्र हो,तो युग्मकों में गुणसूत्रों
की संख्या क्या होगी ?
8
16
23
32
15. प्रांकुर और बीजपत्रों के
बीच भ्रूणीय अक्ष के भाग को कहते है -
बीजपत्राधार
बीजपत्रोपरिक
मुलांकुरचोल
प्रांकुरचोल
16. बहुभ्रूणता सामान्यतया किनमे
पायी जाती है -
केला
टमाटर
आलू
नींबू
17. भ्रूणकोष बीजाण्ड के लिए
वैसे ही है जैसे --------- परागकोश के लिये है।
पुंकेसर
पुतन्तु
परागकण
पुमंग
18. लघुबीजाणुजनन के दौरान
किसमें अर्धसूत्री विभाजन होता है -
अन्तः स्तर
लघुबीजाणु मातृ कोशिकाएँ
लघुबीजाणु चतुष्क
परागकण
19. परागनली की भ्रूणकोश की ओर
वृद्धि होती है -
रसायानुवर्ती
गुरुत्वानुवर्ती
दोनों
कोई नहीं
20. जनन छिद्र का क्या कार्य
होता है ?
मुलांकुर का उद्गम
बीज अंकुरण के लिये जल का अवशोषण
परगनलिका का प्रारंभ
सभी
1. पुष्पों की कृषि,प्रजनन ,क्रय-विक्रय और व्यवस्था के
विज्ञान को कहते है -
आरबोरिकल्चर
फ्लोरिकल्चर
हॉर्टिकल्चर
एंथोलॉजी
2. जायांग का वह भाग जो पराग की
अनुकूल प्रकृति को सुनिश्चियत करता है -
वर्तिकाग्र
वर्तिका
अण्डाशय
सहायक कोशिकाएँ
3. 64 पराग कणों को उत्पन्न करने
के लिये कितनी पराग मातृ कोशिकाओं को मिओटिक विभाजन करना चाहिए -
64
32
16
8
4. एक पूर्ण विकसित नर
युग्मोदभिद में केंद्रकों की संख्या होती है -
एक
तीन
चार
पाँच
5. परागकोश की सबसे अंदर की परत
टेपीटम है,जिसका कार्य है -
पोषण
सुरक्षा
यांत्रिक
प्रस्फुटन
6. जब बीजाण्डद्वार,निभाग व नाभिका एक सीधी रेखा
में रहते है ,तो बीजाण्ड को कहते है -
प्रतीप
ऋजुवर्ती
वक्रावर्त
एम्फीट्रोपस
7. पंखवत वर्तिकाग्र किनमें
होता है -
मटर
गेँहू
धतूरा
सीजलपीनिया
8. जायांग का जो भाग पराग ग्रहण
करता है,उसे कहते है -
वर्तिका
वर्तिकाग्र
बीजाण्ड
अण्डाशय
9. एक या कुछ बीजाण्डों युक्त
अण्डाशय वाला पौधा सामान्यतः किसके द्वारा परागित होता है -
मक्खियों
तितलियों
पक्षियों
वायु
10. परागकणों के अध्ययन को कहते
है -
माइक्रोलॉजी
एन्थोलॉजी
पेलिनोलॉजी
पोमोलॉजी
11. पराग कण है -
गुरुबीजाणु
लघुबीजाणु
लघुबीजाणुपर्ण
लघुबीजाणुधानी
12. पुंकेसर प्रतिनिधित्व करते
है -
लघुबीजाणुधनियो
नर युग्मकोदभिद
नर युग्मकों
लघुबीजाणुपर्णों
13. भ्रूणपोषीय बीज किनमें पाये
जाते है -
अरण्डी
जौ
नारियल
सभी
14. यदि भ्रूणपोष की कोशिकाओं
में 24 गुणसूत्र हो,तो युग्मकों में गुणसूत्रों
की संख्या क्या होगी ?
8
16
23
32
15. प्रांकुर और बीजपत्रों के
बीच भ्रूणीय अक्ष के भाग को कहते है -
बीजपत्राधार
बीजपत्रोपरिक
मुलांकुरचोल
प्रांकुरचोल
16. बहुभ्रूणता सामान्यतया किनमे
पायी जाती है -
केला
टमाटर
आलू
नींबू
17. भ्रूणकोष बीजाण्ड के लिए
वैसे ही है जैसे --------- परागकोश के लिये है।
पुंकेसर
पुतन्तु
परागकण
पुमंग
18. लघुबीजाणुजनन के दौरान
किसमें अर्धसूत्री विभाजन होता है -
अन्तः स्तर
लघुबीजाणु मातृ कोशिकाएँ
लघुबीजाणु चतुष्क
परागकण
19. परागनली की भ्रूणकोश की ओर
वृद्धि होती है -
रसायानुवर्ती
गुरुत्वानुवर्ती
दोनों
कोई नहीं
20. जनन छिद्र का क्या कार्य
होता है ?
मुलांकुर का उद्गम
बीज अंकुरण के लिये जल का अवशोषण
परगनलिका का प्रारंभ
सभी


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